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मेरे गीत और ग़ज़लें

Mere Geet aur Ghazalen

साहिब जी की जुस्तजू अब ले आई इस मोड़ पर। भक्ति गीत, ग़ज़ल, भजन और प्रेम कविताएँ — विवेक दलपतपुरी। This page is the book. There is no file to download.

Mere Geet aur Ghazalen

समर्पण

श्याम के चरणों में ये गीत —
जो साँस-साँस में बसे हैं,
जो याद बनकर रह गए हैं।

These songs of longing and surrender are offered at the feet of Shyam.

संग्रह

नीचे वे गीत, ग़ज़लें और भजन हैं
जो साहिब जी / श्याम की जुस्तजू में लिखे गए।

अनुक्रमणिका

1.

साहिब जी की जुस्तजू, ले आई अब यहां।

तनहा गलियों मे, अब मुझे लौटना नहीं।

आप जब आए तो, बहार ही आई सदा।

दिल का कुम्हलाया फूल, खिल खिल गया।

आप की चान्दनी मे, नहा नहा मेरा मन नाचे।

जैसे मयूर श्याम घन को, देख झूम झूम उठे।

2.

हर सांस मे बसे हो मेरे श्याम तुम यहां।

कोशिश कर के देख लो अब जाओगे कहां॥

ये जिंदगी गुजर जाए तेरा नाम लेकर।

मदहोश हो चूका हूँ तेरी मूरत देखकर।

हर पल गुजर जाये यूँही तेरी यादों में।

कोशिश यही रहेगी दिन रात फिर यहां॥

हर सांस मे बसे हो मेरे श्याम तुम यहां।

ये बेचैनी ये सूनापन अब तो मेहमान हैं।

अँखें न बंद हों तेरे इंतज़ार में रात भर।

कोशिश करके देख ली अब जाएँ हम कहां॥

हर सांस मे बसे हो मेरे श्याम तुम यहां।

3.

इश्क का इलज़ाम लगाते हो लगा दो

ज़हर का प्याला मुझे तुम ही पिला दो

मर कर भी मै तुम्हें कभी भूल ना पाऊंगा

जीते जी मुझपे थोड़ा सा रहम दिखा दो

इश्क का इलज़ाम लगाते हो लगा दो

तुम्हें चाहता हूँ दिल से यही मेरी खता है

मुझपे नहीं मालिक पे इलज़ाम लगा दो

ये दिल उसी मालिक ने इस तन में है डाला

वो प्यार की ख़्वाहिश भी तो उसी ने है डाली

इश्क का इलज़ाम लगाते हो लगा दो

चेहरा मेरा तुम देखना नहीं चाहते तो बोलो

मैं दूर चला जाऊंगा यूं दिल में लिए तुम्हें

इश्क का इलज़ाम लगाते हो लगा दो

मेरी मोहब्बत पे शक करते हो तो बता दो,

मैं चीर दिखाऊंगा इस सीने को अभी,

तुम देखोगे अपनी तस्वीर करूं क्या बता दो.

इश्क का इल्जाम लगाते हो लगा दो.

तुम्हें क्या मालूम रातों को मैं सोता नहीं,

क्यों मेरी तरह यूं बेताब नहीं ये तो बता दो,

मैं फिर भी आऊँगा ढूंढने इस जहां में तुम्हें,

क्या झूठ कहता हूं तुम मुझे यह भी बता दो,

इश्क का इल्जाम लगाते हो लगा दो

4.

आपकी ख़ुशी में ही है मेरी हर ख़ुशी |

ये गर जान पाया तो पालूंगा हर ख़ुशी |

आपकी ख़ुशी में ही है मेरी हर ख़ुशी |

5.

तुमसे प्यार करना गर खता है,

तो मैं गुनहगार हूं

तुमसे दिल लगाना गर खता है,

तो मैं गुनहगार हूं

तुमसे मिलने को दिल बेकरार हैं |

शब ऐ रोज़ न मुझको क़रार है |

तुम आजाओ सब छोड कर |

6.

[Intro]

तुम्हारी हर सज़ा मुझे स्वीकार है |

रूठ गया गर जमाना तो कैसे भी उसे मना लूंगा |

साहब जी गर मुझसे रुठे फिर कैसे उन्हें मनाऊँगा |

इस सोच में बैठा हूं यारों, कुछ तरकीब तो दो मुझे |

हम प्यार करते हैं उनसे जैसे चकोरा चांद से |

वो तो मेरी परवाह करते नहीं बैठे हैं आराम से |

रूठ गया अगर जमाना तो कैसे भी उसे मना लूंगा |

हम तो उन पर यूँ मरते हैं जैसे परवाना शमा पर |

वह है कि देखते नहीं बस एक बार भी मेरी तरफ |

रूठ गया अगर जमाना तो कैसे भी उसे मना लूंगा |

7.

तेरा दीवाना तेरे दर पे आया है चलते चलते |

आस दिल मे, जख्म पाओं मे लगे चलते चलते |

आँखों मे उसकी नूर है, ज़ुबान पे है ख़ामोशी |

मन मे कई सवाल हैं, दिल मे मासूम मुहब्बत |

गर साहब जी यूँ बोले - अरे तू कौन है बन्दे?

दुत्कार दें और बोलें - अरे भाग तू बन्दे!

ऐसे मे ओ साहब - ये दीवाना कहाँ को जाए?

रोये या हंस दें - फिर दीवारों से सर टकराये?

जग उसके लिए सहरा था, साहब थे गुलिस्ताँ |

कांटों भरा वो रास्ता फिर से होगा चलना |

ताउम्र तेरा नाम ल|

ए रो रो जीएगा दीवाना |

8.

हम तुमसे मुहब्बत करते हैं |

दुनिया से ना अब हम डरते हैं |

तुम मेरे साहब, तुम मेरे श्याम |

शबोरोज़ यही कहाँ करते हैं |

तुम मेरे हबीब, तुम मेरे सुकून |

तुमको ही गोपाल कहा करते हैं |

तुम मेरे संग अब आजाओ |

मेरे दिल का फूल खिला जाओ |

हम तुम पे हर पल ही मरते हैं |

9.

दर्द ऐ दिल की कुछ दवा तो करिये |

मेरे रुठे यार का पता तो करिये |

मुझको गुनहगार मानते हैं वो |

मेरे प्यार को न पहचानते हैं वो |

उनको मेरी हालत बयान तो करिये |

मेरे रुठे यार का पता तो करिये |

दर्द ऐ दिल की कुछ दवा तो करिये |

शायद साहब इस दीवाने को जाने |

मेरी तड़प और प्यार को पहचाने |

मेरे रुठे यार का पता तो करिये |

10.

अपने जीवन से मुझे निकाल दोगे साहब,

क्या आपको मेरे श्याम सुकून मिलेगा?

अपने दिल से मुझे निकाल दो तो साहब,

मान लूंगा की मेरी मुहब्बत झूठी थी |

मेरे जीवन में बस आपकी यादें हैं साहब,

जो पल पल सुकून तो देती मुझे हैं अब |

जीऊंगा जब तलक इस जहाँ में साहब,

आपकी प्यारी यादें दिल में लिए अब |

किसी रोज़ जो मिल गए आप कहीं मुझे |

रो रो मैं दिल अपना खोलूंगा आपके आगे|

कदम आपके चूम चूम सिसकियाँ भरूं मैं |

सांस आखिरी लेके आपके कदमों पे मरूं मैं |

11.

मैं तेरा ग़ुलाम हूं ओ मेरे श्याम |

मैं तो बंदा आम हूं ओ मेरे श्याम |

मेरी खतायें तुम्ही ज़रा माफ़ करना |

इंसान हूं मुझ पे तुम रहम करना |

मैं तेरे प्यार का भूखा हूं मेरे श्याम |

थोड़ी तो नज़र इधर भी मेरे श्याम |

ये ज़िन्दगी तो चार दिन की मेहबूबा |

कब छोड के चल दें मुझे ये अजूबा |

फिर वक्त तो निकाल दो ग़ुलाम के लिए |

प्यार दो, थोड़ा चैन दो, आराम के लिए |

मैं तेरा ग़ुलाम हूं ओ मेरे श्याम |

मैं तो बंदा आम हूं ओ मेरे श्याम

12.

मेरे श्याम जो मुस्काते हैं,

दिलों को चुरा लेते हैं |

एक रोज़ जो मुस्काये वो,

मैं तो लुट गयी,

लोक लाज खोकर,

श्याम के पीछे चल पड़ी |

मेरे श्याम जो मुस्काते हैं,

दिलों को चुरा लेते हैं |

उस रोज़ से मेरा दिल,

उनका है उनका रहेगा,

चाहे दुनिया मुझे दीवाना कहे|

मैं श्याम की दीवानी, मैं श्याम की दीवानी,

मैं श्याम की दीवानी हो गयी |

13.

आपकी नाराज़गी अब तो जान ले लेगी |

14.

दीवानी हो चली मै अब श्याम की आवाज़ सुन |

मस्तानी हो चली हूं अब श्याम की मिठास सुन |

मेरे श्याम ने सुनाया जो गीत वो मुझे अब |

मदहोश कर चुका है न आएगा होश अब |

चल पडूँगी एक दिन कालिंदी के घाट अब |

दोपहर मे प्यारे श्याम के दर्शन तो पाऊँगी |

चरणों मे सर नवाके उनके गीत गाउंगी |

प्यार से वो अपना हाथ मेरे सर पे फेरेंगे |

फिर भौरे गुनगुनाते हम दोनों को घेरेंगे |

फिर श्याम गुनगुनाएंगे वो मीठे मीठे बोल |

मदहोश हो जाउंगी सुन के श्याम की आवाज़ |

15.

श्याम तेरी याद आये जब,

गीत पे गीत बनाऊं मै तब |

एक सांझ फिर बीत गयी,

तोरे दर्शन न मिले मोहे अब |

श्याम तेरी याद आये जब,

गीत पे गीत बनाऊं मै तब |

आज फिर बेकल हो उठा मै,

तेरी तस्वीर मैंने देखी जब |

श्याम तेरी याद आये जब,

गीत पे गीत बनाऊं मै तब |

तेरी प्रीत से ज़िंदा हूं मेरे श्याम,

कभी न छोड़ना तुम मुझे अब |

16.

चित्रावती के तट पे बैठे,

तेरा ध्यान धरूं, श्याम

तेरा ध्यान धरूं।

मंद मंद हवा के चलते,

तुझको याद करूं, श्याम

तुझको याद करूं।

मैं बंजारन तोरे कारण,

बन बन मैं बिचरू,

तेरा ध्यान धरूं।

मिल जाओगे कुंज गालियों में,

वृंदावन को चलूं,

तेरा ध्यान धरूं।

17.

मेरी कुठरिया मे श्याम जो आए,

मैं मुस्काई, मैं उठ नाची

श्याम जो आए।

मेरी कुठरिया मे श्याम जो आए।

श्याम को बिठाया, फिर खुद बैठी,

श्याम जो आए।

मेरी कुठरिया मे श्याम जो आए।

श्याम मुस्काए, मैं मुस्कायी,

श्याम जो आए।

मेरी कुठरिया मे श्याम जो आए।

मेवा मिठाई, श्याम को चढ़ाई,

श्याम जो आए।

मेरी कुठरिया मे श्याम जो आए।

श्याम को खिलाया, प्रसाद मैने पाया,

श्याम जो आए।

मेरी कुठरिया मे श्याम जो आए।

मैं फिर बैठी, श्याम चरणन में,

श्याम जो आए।

मेरी कुठरिया मे श्याम जो आए।

श्याम के चरण दबाए, आनंद पाया,

श्याम जो आए।

मेरी कुठरिया मे श्याम जो आए।

18.

खोया खोया फिरता हूं।

श्याम तेरा एक बंदा हूं।

खोया खोया फिरता हूं।

तेरा नाम एक सहारा है।

ये बंदा तेरा आवारा है।

इन मस्त हवाओं में झूमूं।

तेरी यादों को हर पल चुमू।

खोया खोया फिरता हूं।

श्याम तेरा एक बंदा हूं।

तेरी मीठी बातें याद करूं।

तेरी सुंदर मूरत पे मैं मरूं।

तेरी मस्त अदाएं कितनी हसीन।

तेरी सूरत वो तो है माहजबीन।

खोया खोया फिरता हूं।

श्याम तेरा एक बंदा हूं।

19.

श्याम तेरी जोगन, तेरे द्वार खड़ी |

चैन न जाने वो, है मुश्किल घड़ी |

मन की वो माला से रटे तेरा नाम |

तेरे ही भरोसे उसके कटे दिन याम |

श्याम तेरी जोगन, तेरे द्वार खड़ी |

चैन न जाने वो, है मुश्किल घड़ी |

मुख पे है उदासी, नैना आंसू भरे |

20.

मेरे श्याम मुझे तुम चाकर बना लो अपना।

दर्शन पाऊं नित सेवा करूँ यही मेरा सपना |

तुम दूर हो मै उदास हूँ ये कैसा जीवन मेरा |

मेरे श्याम तेरी मुस्कान बिन ये जीवन है अँधेरा |

मेरे श्याम मुझे तुम चाकर बना लो अपना।

दर्शन पाऊं नित सेवा करूँ यही मेरा सपना |

तुम पुकार लो इस दास को दौड़ा दौड़ा आएगा |

वो माखन मिश्री मेवा आपका प्रसाद ही पायेगा |

मेरे श्याम मुझे तुम चाकर बना लो अपना।

दर्शन पाऊं नित सेवा करूँ यही मेरा सपना |

तुम मारना इस दास को जो गलती करे वो थोड़ी |

कर देना इसका जीवन ख़तम जो इसने नीयत तोड़ी |

मेरे श्याम मुझे तुम चाकर बना लो अपना।

दर्शन पाऊं नित सेवा करूँ यही मेरा सपना |

21.

अयोध्या चलो मेरे राम आए।

श्री राम आए भगवान आए।

उठो, जागो सबको जगाओ।

राम आए।

अयोध्या चलो मेरे राम आए।

राम गुण गाओ, सबको सुनाओ।

राम आए।

अयोध्या चलो मेरे राम आए।

श्री राम आए भगवान आए।

राम नाम ही एक सहारा,

जिसने रटा कभी ना हारा,

राम आए।

अयोध्या चलो मेरे राम आए।

श्री राम आए भगवान आए।

राम जी के नाम से हनुमान जी,

सागर पार गए।

लंका जलाई, जीत दिलाई

सबको हर्ष हुआ।

अयोध्या चलो मेरे राम आए।

श्री राम आए भगवान आए।

तुम भी तो पावन नाम लेलो,

सब पाजाओगे।

अयोध्या चलो मेरे राम आए।

श्री राम आए भगवान आए।

22.

आज शाम एक ख़ूबसूरत वाकया हुआ मेरे यारों।

चंद रोज़ों की वो उदासी दूर हुई मुझसे मेरे यारों।

अरे क्या हुआ! बताओ तो |

श्याम ने मुझसे बात करी,

कई रोज़ों की उदासी दूर हुई,

मेरे दिल को खूब सुकून मिला,

मेरे मन को खूब आराम मिला।

यूँ बातों से बातें निकलती रहीं,

वक्त कितना सुन्दर गुजरता रहा।

फिर क्या हुआ

मेरे श्याम ने एक मीठी ग़ज़ल गुनगुनाई।

कौन सी

हंगामा है क्यों बरपा, थोड़ी सी जो पी ली है।

फिर ए दोस्तों

श्याम की वो मीठी आवाज़ सुन,

मैं लड़खड़ा कर मदहोश हो चली।

उनकी मीठी आवाज़ का जाम,

मदमस्त कर चुका है मुझे यारों।

23.

श्याम तेरे बारे में जब जब सोचूं,

असुवन की धार अविरल यूं बहे है।

श्याम तेरी मूरत को एक टक देखूं,

श्याम मेरे आ जाओ दिल ये कह है।

श्याम तेरे बारे में……

तूने मेरे दुख हर हर के,

सदा ही सुख तो दिया।

मेने ना जाने अंजाने में,

कितना पाप ही किया।

तेरी मीठी मुस्कान पे श्याम,

मैं लुट लुट खो जाऊं।

इस जग को भुला जाऊं।

श्याम तेरे बारे में जब जब सोचूं,

असुवन की धार अविरल यूं बहे है।

श्याम तेरी मूरत को एक टक देखूं,

श्याम मेरे आ जाओ दिल ये कह है।

श्याम तेरे बारे में……

24.

श्याम तेरे द्वारे खड़ा एक भिखारी।

तेरी सुंदर मूरत पर वह बलिहारी।

न शोहरत ही मांगे ना दौलत तुझे से।

वह तो प्यार मांगे, थोड़ा सा तुझे से।

श्याम तेरे द्वारे खड़ा एक भिखारी।

तेरी सुंदर मूरत पर वह बलिहारी।

रहम उसपे करना, प्यारे श्याम मेरे।

निकट अपने रखना, दिल में बसा के।

श्याम तेरे द्वारे खड़ा एक भिखारी।

तेरी सुंदर मूरत पर वह बलिहारी।

वो तो खुश रहेगा, रूखा सूखा खा के।

गुजारेगा दिन वो जहां को भुला के।

श्याम तेरे द्वारे खड़ा एक भिखारी।

तेरी सुंदर मूरत पर वह बलिहारी।

25.

आप आओगे इस सोच में, डूबा बैठा हूँ मेरे श्याम।

उम्मीद भरी इन आँखों को, निराश न करना मेरे श्याम।

आप आ गए तो इस दास की किस्मत जाग ही जाएगी।

कुम्हलाये हुए इस चेहरे से उदासी भाग ही जायेगी।

यूँ भाग के आपके चरणों से लिपट रोऊँगा मेरे श्याम।

आप आओगे इस सोच में, गुम सुम बैठा हूँ मेरे श्याम।

आपको आसन पे बिठा कर दौड़ा दौड़ा जाऊंगा।

एक बरतन में मीठा जल भर भर मै तो लाऊंगा।

फिर आपके चरणन को धो धो चरणामृत पाउँगा श्याम।

आप आओगे इस सोच में, डूबा बैठा हूँ मेरे श्याम।

उम्मीद भरी इन आँखों को, निराश न करना मेरे श्याम।

मेवा मिठाई मोल मै फिर भाग भाग लाऊंगा।

आपको श्याम भोजन मै हाथों से खिलाऊंगा।

फिर आपका प्रसाद मै तो हाथ जोड़े पाउँगा।

आप आओगे इस सोच में, डूबा बैठा हूँ मेरे श्याम।

उम्मीद भरी इन आँखों को, निराश न करना मेरे श्याम।

58.

कब मोहे बुलाओगे तुम अपने वृन्दावन श्याम,

दुनिया की रीत ओ श्याम मोहे अब ना भावे है,

अपनों दास कब बनाओगे तुम बोलो मेरे श्याम,

नित सेवा कब करूँगो मैं आके वृन्दावन धाम.

कब मोहे बुलाओगे तुम अपने वृन्दावन श्याम,

तोरे दर्शन को तरसूं तोरा नाम लूं आठों याम,

अब देर ना करियो मोको बुलाओ अपनों धाम,

दुनिया ना भाए मोहे तोरे चरण मेरो विश्राम.

67.

कब मोहे बुलाओगे तुम अपने वृन्दावन श्याम,

तोहे भोग लगाऊँगो माखन मिश्री खिलाऊँगो,

तोरे सब भक्तन की सेवा करके दिखाउंगो,

अब देर ना करियो श्याम तोरे कहे पे आउंगो.

114.

[Intro] a long piece of sad flute plays and gradually tabla starts to accompany the song

[Verse1] [Male Vocal]

मेरे श्याम ओ बंसी वाले,

मेरे प्यारे सांवरिया,

तोहे रात दिन याद करूं मैं,

मैं तो हो रही बावरिया.

तो से कछू ना मांगू मैं तो,

थोड़ा प्यार दे सांवरिया.

[Chorus]

तो से कछू ना मांगू मैं तो,

थोड़ा प्यार दे सांवरिया.

[Bridge]

मोरी लाज राखो गिरधारी,

तोहे सदा भजूँ नटवरिया.

[Verse2]

मेरे श्याम ओ बंसी वाले,

मेरे प्यारे सांवरिया,

एक बार तू दर्शन दे दे,

मोरे सलोने नटवरिया,

मैं तोरे वृंदावन घूमू,

सब छोड़ के सांवरिया.

[Outro]

साँझ होने से पहले आजाओ,

मोरे नट नागर नटवरिया,

मेरे श्याम ओ बंसी वाले,

इति

ये जुस्तजू यहीं नहीं रुकती —
हर साँस में श्याम, हर गीत में श्याम।

— विवेक चौहान / विवेक दलपतपुरी

Mere geet aur Ghazalen

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